जय बिनसर महादेव
Mahatma Gandhi's words about Veer Chandra Singh Garhwali were" If I had one more Chandra Singh Garhwali, then India would have become Independent much earlier. "
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली चौथान विकास समिति युवाओं की सोच का परिणाम है, जो चौथान पट्टी में बुनियादी जनसुविधाओं जुटाने और उन्हें बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत है। अलग राज्य बनने के बाद भी चौथान में शिक्षा, स्वास्थ्य की स्थिति चिंताजनक है, जिसके कारण यहाँ से युवा शक्ति का पलायन बढ़ा है। आज भी चौथानवासियों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार अप्रिय घटनाएं भी हुई है। साथ में चौथान से पलायन प्रभावित परिवार है। शहरों में अलग-थलग पड़ गए है जिससे चौथान और पहाड़ समाज का जरूरत के समय आपस में तालमेल नहीं हो पाता है। इन्हीं सब समस्याओं के निराकरण के प्रयास हेतु चौथानी युवाओं द्वारा गठित "चौथान एकता मंच" के अनौपचारिक समूह 19 दिसम्बर 2023 वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली चौथान विकास समिति के नाम से पंजीकृत किया गया।
आरम्भ में चौथान समाज को एक परिवार के तौर पर एकजुट करने में श्री बाला दत्त ढौंडियाल, श्री चन्दन गुसाई, श्री चन्द्र रावत और श्री ज्ञान सिंह भंडारी ने उल्लेखनीय प्रयास किए। समिति का मुख्य उद्देश्य चौथान और समस्त उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, पर्यावरण संरक्षण के कामों यथासंभव सहयोग देना और पहाड़ समाज को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना है। स्थापना से लेकर अब तक समिति निरन्तर मातृभूमि चौथान और उत्तराखंड में पहाड़ समाज हितैषी कार्यों को समर्पित है।
मातृभूमि पर समर्पित पलायन प्रभावित चौथान क्षेत्र की युवाशक्ति ने स्वस्थ स्वच्छ शिक्षित समृद्ध चौथान समाज की परिकल्पना को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में वर्ष 2013-14 में एक संगठन का गठन किया। पेशावर क्रांति नायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के स्वावलम्बी जीवन से प्रभावित और आदर्श चौथान समाज के उनके सपने को साकार करने के लिए इस संगठन को वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली नाम दिया गया।। समिति का कार्यक्षेत्र समस्त उत्तराखंड है और वर्तमान में यह मुख्यतः दिल्ली में उत्तराखंड के सामाजिक राजनीतिक अधिकारों और चौथान क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य परिवहन, स्वरोजगार की सुविधाओं को उपलब्ध कराने हेतु प्रयासरत
पिछले चार सालों से समिति चौथान पट्टी में जनहित के कामों को बढ़ावा देने और जन समस्याओं के निराकरण के लिए सक्रिय है। समिति पिछड़े क्षेत्र चौथान में बुनियादी जनसुविधाओं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क तथा परिवहन की स्थिति में सुधार हेतु प्रयासरत है चिकित्सा व्यवस्था के समाधान हेतु समिति लगातार प्रशासन से पत्राचार करती आ रही है। इस विषय को समिति जिले से लेकर राज्य स्तर तक उठाती आ रही है। पर्वतीय क्षेत्रों से आकस्मिक गंभीर स्वास्थ्य संकटों से जूझ रहे विषेशकर महिला, बुजुर्ग तथा बच्चों को समिति समुचित उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। ऐसी आपातस्थिति में समिति पीडित व्यक्ति को उचित अस्पताल का चुनाव से लेकर रक्तदान व्यवस्था और आवश्यकतानुसार सरकार एवं अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से समुचित आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।
समिति के समर्पित सदस्यों की सहायता अब तक 50 से अधिक गंभीर तौर पर घायल एवं बीमार पुरुष महिलायें एवं बच्चे पूर्णत स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। स्थापना वर्ष से लेकर अब तक समिति आपातस्थिति में जरूरतमंद मरीजों के लिए लगभग 100 से अधिक यूनिट रक्तदान कर चुकी है।
इसी प्रकार चौथान क्षेत्र में प्राथमिक माध्यमिक एवं उच्चतर विद्यालयों में शिक्षा की स्थिति को समिति बारम्बार जनप्रतिनिधिओं के समक्ष रख रही है। समिति मेधावी एवं संसाधनविहीन पर्वतीय छात्र छात्राओं को छात्रवृति के माध्यम से प्रोत्साहित करती आ रही है।
समिति आरम्भ से ही उत्तराखंडी एवं चौधान के युवाओं को योग्यतानुसार रोजगार के अवसरों की सूचना तत्परता से उपलब्ध कराती आ रही है। जिससे अब तक चौधान और उत्तराखंड कई बेरोजगार युवक लाभान्वित हुए हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, सरकार और समिति के सामूहिक व सतत प्रयासों से आज चौथान क्षेत्र में रोडवेज बस सेवा उपलब्ध हो गयी है इसी तरह मिले जुले प्रयत्नों से अधिकांश गांवों में सड़कें पहुँच रही है।
देवभूमि चौथान क्षेत्र को नशामुक्त एवं प्लास्टिक डिस्पोजल कचरा मुक्त बनाने के लिए समिति निरंतर ग्राम स्तर पर जनजागरूकता अभियान चला रही है। चौथान क्षेत्र वासियों के सहयोग से समिति बिंदेश्वर महादेव मंदिर परिसर को वार्षिक मेले के दौरान शराबपान और प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने में काफी हद तक सफल रही है। समिति के अथक प्रयासों से आज इस क्षेत्र में कई गांव अपने सामाजिक समारोहों एवं धार्मिक आयोजनों को शराब एवं प्लास्टिक डिस्पोजल से मुक्त करने के प्रयास में लगे हुए है।
समिति के उद्देश्यों और परिश्रम को देखते हुए आज चौथान के युवा जागृत और संगठित हो रहे हैं और समिति से काशीपुर, चंडीगढ़, देहरादून, मुंबई, हैदराबाद से चौथानी प्रवासी के निवासी जुड़ रहें हैं। सबके सतत, अथक प्रयासों से चौथान समिति उत्तराखंड का प्रगतिशील सामाजिक संगठन बनने की ओर अग्रसर है।
समिति का प्रयास है कि चौथान क्षेत्र में एक सम्पूर्ण आधुनिक सुविधाओं वाला हास्पिटल का निर्माण हो ताकि पहाड़ी महिलाओं, बुजुर्ग, तथा बच्चों को तत्काल उपचार मिल सके जिसके लिए कि लोगों को अब भी दूर शहरों में जाना पड़ता है।
चौथान क्षेत्र के विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता सर्वोत्तम हो ताकि पर्वतीय छात्र उच्च प्रशासनिक शिक्षा प्राप्त का उत्तराखंड और देश के सर्वागीण विकास में अपना योगदान दे सकें।
आगामी समय में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली चौथान विकास समिति (पंजी०) उत्तराखंड में स्वरोजगार घराट पर मृदा संरक्षण जैविक खेती सौर्य ऊर्जा आदि समाज ए पर्यावरण हितैषी कार्यों के प्रचार प्रसार हेतु भी प्राणान करेगी।
एक सशक्त समृद्ध उत्तराखंड एवं चौथान के निर्माण के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु और अपनी गतिविधिओं को दुगनी से आगे बढ़ाने के लिए समिति आप सब महानुभा यथासंभव आर्थिक अनुदान प्रदान करने और अधिक संख्या में समिति से जुड़ने का का आह्वान करते है ।